नई दिल्ली: अब भ्रामक विज्ञापन करनेवाले सेलिब्रिटी पर जवाबदेही तय होगी और जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें जेल जाने के लिए भी तैयार रहना होगा। सरकार इस संबंध में लाए जानेवाले बिल के मसौदा पर चर्चा कर रही है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की कल होनेवाली बैठक में इस पर विचार किया जा सकता है।
कैबिनेट में पेश करने से पहले होगा मंथन
ड्राफ्ट बिल को मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश करने से पहले उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से सुझाए गए प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। इस अनौपचारिक मंत्री समूह में जेटली के अलावा उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिजली मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी हैं।
50 लाख तक का जुर्माना, पांच साल की सजा
सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने भ्रामक विज्ञापनों से निपटने के लिए कड़े प्रावधानों तथा ऐसे विज्ञापन करने वाली हस्तियों की जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने कहा, पहली बार अपराध पर 10 लाख रपये का जुर्माना व दो साल की सजा का प्रस्ताव है। वहीं अगर कोई सेलिब्रिटी या एंबैस्डर दूसरी बार या आगे और गलती करता है तो 50 लाख रपये तक का जुर्माना या पांच साल की सजा हो सकती है।
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