नई दिल्ली: सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा गया है कि वे भ्रष्टाचार को रोकने और गरीब और संसाधनहीन छात्रों की समस्या को काफी कम करने के लिए निचले स्तर के चिह्नित पदों के लिए साक्षात्कार लेने की प्रथा को समाप्त करें। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस संबंध में पत्र लिखकर इस तरह के पदों की पहचान करने को कहा, जिनसे साक्षात्कार की प्रक्रिया को समाप्त किया जा सकता है। आपको बता दें कि यह कदम तब उठाया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में इस तरह का सुझाव दिया था।
प्रधानमंत्री के सुझाव पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्मिक मंत्रालय ने इससे पहले सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा था। अब सिंह ने सभी मुख्यमंत्रियों को अलग से पत्र भेजा है और उनसे अपने राज्यों में यह पहल करने का अनुरोध किया है। सिंह ने कहा, सरकार की राय है कि निचले स्तर के पदों जिनमें व्यक्तित्व या कौशल का मूल्यांकन करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है, उसपर भर्ती के लिए साक्षात्कार को समाप्त किया जाना चाहिए।
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