किसी दूसरें व्यक्ति पर निर्भर रहना
आचार्य चाणक्य ने बताया कि किसी दूसरें व्यक्ति पर निर्भर यानि उसी का दिया खाना आदि खाता है तो उसका जीवन नर्क के समान होता है। उसकी जैसी किस्मत किसी कि खराब नही होती है। इसलिए व्यक्ति के हमेशा कर्मशील रहना चाहिए।
Latest India News