12 मार्च 1993: सिलसिलेवार 12 जगहों पर हुए धमाकों में 257 लोग मारे गए जबकि 713 लोग घायल हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सेंज की 28-मंज़िला इमारत की बेसमेंट में दोपहर 1.30 बजे धमाका हुआ जिसमें लगभग 50 लोग मारे गए थे। इसके आधे घंटे बाद एक कार धमाका हुआ और अगले दो घंटे से कम समय में कुल 13 धमाके हो चुके थे।
19 अप्रैल 1993: जांच एजेंसियों ने संजय दत्त को AK-56 रखने पर गिरफ्तार किया। एजेंसियों ने अपनी जांच में पाया था कि बम धमाकों से पहले हथियारों की खेप भारत लायी गई थी, जिसके तहत संजय दत्त के पास से ये हथियार मिला।
26 अप्रैल 1993: मुंबई में टाडा की विशेष अदालत में संजय दत्त ने AK-56 रखने की बात कबूली।
3 मई 1993: संजय दत्त को कोर्ट से जमानत मिल गई।
4 नवंबर 1993: 10,000 पन्ने की 189 लोगों के खिलाफ प्रार्थमिक चार्जशीट दायर की गई
19 नवंबर 1993: मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया।
4 जुलाई 1994: संजय दत्त की जमानत रद्द, दोबारा हुई गिरफ्तारी। कोर्ट ने उनके जुर्म को गंभीर करार दिया। इसके बाद संजय दत्त 18 महीने जेल में रहे।
19 अप्रैल 1995: मुंबई की टाडा अदालत में इस मामले की सुनवाई आरंभ हुई। अगले दो महीनों में अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए गए।
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