15 जुलाई 1996: मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में 35 लोग उस समय मर गये थे, जब कुछ वीआइपी की पूजा के लिए सारे दरवाजे बंद कर दिये गये थे। कुछ श्रद्धालु फिसल गये, जिस कारण भगदड़ मच गयी और बड़ा हादसा हो गया।
15 अगस्त 1996: हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के मौके पर दुर्घटना में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी। हर की पौड़ी पर हुई यह दुर्घटना उस समय हुई जब अहले सुबह 20 हजार श्रद्धालु वहां जुट गये थे।
25 जनवरी 2005: महाराष्ट्र के सतारा जिले के मंधार देवी मंदिर में हुए हादसे 291 लोग मरे गये। यह हादसा वहां सीढि़यों पर नारियल फोड़ने से हुई। फिसलन के कारण मची भगदड़ के कारण हुआ था।
3 अगस्त, 2006: हिमाचल प्रदेश के नैना देवी मंदिर में मची भगदड़ में लगभग 150 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 400 से अधिक लोग घायल हो गए।
30 सितंबर, 2008: राजस्थान के जोधपुर में चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान मची भगदड़ में 120 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग घायल हो गए।
Latest India News