नई दिल्ली: दिल्ली के सरकारी स्कूल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल पर आरोप की उसकी लापरवाही से एक बच्चे की मौत हो गई है। जहांगिरपुरी के गवर्मेट सीनियर सकेंड्री स्कूल में 10वीं क्लास में पढ़ने वाले शक्ति की गर्दन बेंच से लगी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जब टीचरों ने ध्यान नही दिया तो खुद स्कूली बच्चे घायल स्टूडेंट को लेकर गये और अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के परिजनों की मांग है कि स्कूल पर कार्यवाही होनी चाहिए।
16 साल का शक्ति जहांगिरपुरी के K ब्लॉक में बने गवर्मेट सीनियर सकेंड्री स्कूल का 10वीं क्लास का छात्र था और बुद्धवार को भी हर रोज की तरह दोपहर बाद इस स्कूल में गया।
परिजनों का आरोप है की यदि कोई टीचर साथ जाता तो तुरंत रेफर करवा लेता और बच्चा बच जाता। उनका आरोप है की डॉक्टर्स का कहना था की यदि बच्चा आध घंटे पहले पहुंचता तो बच जाता, इस देर के लिए स्कूल जिम्मेदार है।
परिजनों ने पुलिस को शिकायत की है और शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवनराम अस्पताल में रखा गया है जहां मामले की जांच जारी है।
शक्ति के साथ पढ़ने वाले क्लासमेटस का कहना है की, शाम करीब 5 बजे शक्ति क्लास में बेंच पर गिरा और गर्दन बेंच पर लगने से शक्ति की हालत गम्भीर हो गई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथी बच्चे तुरंत साइंस रूम में ले गये और टीचरों को बताया। बच्चों की माने तो टीचर्स देख रहे थे और किसी ने भी मदद नहीं की और सभी देखते गये और चलते गये। फिर उस कमरे में गर्मी की वजह से बच्चे प्रिंसिपल रूप के आगे गये।
बच्चों का आरोप है की प्रिसिपल ने कहा की इसको चक्कर आया है और वहा से भगा दिया। स्कूल में कई टीचरों की गाड़ियां खड़ी थीं और कोई भी गाड़ी टीचरों ने बच्चे के लिए नही निकली न ही मदद की। इसके बाद साथी बच्चे खुद किसी की मोटर साइकिल मांगकर लाये और
बाइक से बच्चे को बाबू जगजीवनराम अस्पताल लेकर गये।
बच्चों ने ही परिजनों को सूचना दी तब तक परिजन भी अस्पताल लाये। अस्पताल ने कहा हालत गम्भीर है और ट्रोमा सेंटर रेफर कर दिया जहां बच्चे की मौत हो गई।
बच्चो का आरोप है की ये पहली घटना नही बल्कि यहा बच्चो को चोट लगना आम बात है।
स्कूल प्रिंसिपल ने मामले पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया है और प्रिंसिपल गाड़ी न निकाल पाने पर ऑफ रिकॉर्ड तर्क दे रहे है की यदि गाडी निकालते तो देर लगती इसलिए बाइक से ही भेज दिया।
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