रुड़की: रुड़की से सटे लंढौरा कस्बे में एक दुकान खाली कराने को लेकर शुरू हुए विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। इस हिंसक वारदात में 12 पुलिस कर्मियों सहित 32 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में चार पुलिस वालों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने इस सांप्रदायिक झगड़े को लेकर दो दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।
दरअसल हरिद्वार जनपद के रूड़की तहसील के लंढौरा कस्बे में कुछ दुकानों को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार को दो दर्जन से ज्यादा लोग दुकानें खाली कराने पहुंचे थे जिनमें बीजेपी नेता कुंवर प्रणव चैंपियन के रिश्तेदार भी कथित तौर पर शामिल थे।
धर्म ग्रंथ के साथ बेअदबी का आरोप
आरोप है कि दुकान खाली कराने के दौरान धार्मिक पुस्तकों का सम्मान नहीं रखा गया जिससे एक समुदाय के लोग भड़क गए। नाराज लोगों ने कुंवर प्रणव चैंपियन के महल पर हमला कर दिया। उन्होंने महल में घुसने की कोशिश की और बाहर खड़ी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने भी पुलिस थाने पर भी पथराव किया जिसमें 12 पुलिसवाले सहित 30 लोग घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े।
लंढौरा कस्बे में धारा 144 लागू
इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है और लंढौरा कस्बे में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फलैगमार्च भी किया। इस घटना से पूरे लंढौरा क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पूरा लंढौरा कस्बा पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी और सांप्रदायिक माहौल किसी भी व्यक्ति को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस हिंसक घटना के बाद गढ़वाल मंडल के आई जी संजय गुंज्याल ने घटना स्थल का मुआयना किया। इस घटना के बाद पूरे जिले में रेड-अलर्ट कर दिया गया है।
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