नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को अदालत के समन के एक दिन बाद संसद में कांग्रेस सदस्यों के हंगामे को गैर जिम्मेदाराना, अनैतिक और आलोकतांत्रिक करार देते हुए सरकार ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी दुर्भावनापूर्ण हथकंडा अपना कर संसद के कामकाज और देश के विकास के मार्ग को बाधित नहीं करे, अन्यथा इसका उलटा प्रभाव पड़ेगा।संसदीय कार्य मंत्री
एम वेंकैया नायडू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सदन में कांग्रेस पार्टी का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, कोई मुद्दा नहीं बता रहे हैं और सदन में हंगामा कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी ने बताया कि नेशनल हेराल्ड के मामले पर कांग्रेस सदस्य शोर शराबा कर रहे है। अगर ऐसी बात है तो भारत की न्यायपालिका स्वतंत्र है। अदालत को किसे नोटिस भेजना है, किसे बुलाना है, किसे नहीं बुलाना है... इन बातों में सरकार का कोई दखल नहीं होता है। यह तय करना अदालत का काम है। वेंकैया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पिछले 50 साल से अधिक समय देश पर शासन किया है और अब एक नई सरकार आई है जो विकास को आगे बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को दुरूस्त बनाने के कार्य में लगी है और वे बिना किसी विषय के मुद्दा खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, कांग्रेस का यह आचरण गैर जिम्मेदाराना, अनैतिक और अलोकतांत्रिक है। यह कार्रवाई कपोल कल्पना पर आधारित है। यह अनुचित है। उसका यह दुर्भावनापूर्ण हथकंडा उसके खिलाफ उल्टा प्रभाव डालने वाला हो सकता है, यह उसे समझना चाहिए।
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