नई दिल्ली: इशरत जहां मामले में तकरार को और बढ़ाते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की खाल बचाने के लिए भाजपा भ्रामक जानकारियां फैला रही है, वहीं सत्तारूढ़ पार्टी ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा।
मल्लिकार्जुन खड़गे और आनंद शर्मा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संवाददाताओं से कहा, सीधा सा सच यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की खाल बचाने के लिए सरकार और मीडिया के कुछ वर्ग छल और कपट का यह जाल बुन रहे हैं।
उनके साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पार्टी नेता कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी और शक्तिसिंह गोहिल ने एक मजिस्ट्रेट के समक्ष रखे गए गुजरात के पुलिस अधिकारी डी एच गोस्वामी के चार पन्नों के बयान की प्रति जारी की जिसमें काली दाढ़ी और सफेद दाढ़ी की बात कही गई है।
सिब्बल ने दावा किया कि गोस्वामी ने गुजरात के तत्कालीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा के हवाले से कहा था कि मुठभेड़ से पहले उन्हें काली दाढ़ी और सफेद दाढ़ी से हरी झंडी मिल गयी थी। उस वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और शाह गृह राज्यमंत्री थे।
उन्होंने दावा किया कि गोस्वामी के बयान की पृष्ठभूमि में कड़वी हकीकत यह है कि इशरत जहां और उसके तीन अन्य साथियों के साथ फर्जी मुठभेड़ का आदेश तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री अमित शाह के साथ दिया था।
पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, कांग्रेस को पाकिस्तान द्वारा बोली जाने वाली भाषा बोलना बंद करना चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व ने इशरत जहां जैसी आतंकवादी को संरक्षण देकर राष्ट्रीय सुरक्षा से खेलने का पाप किया है।
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