1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कांग्रेस का खदान घोटले पर आरोप, राजे का इस्तीफे मांगा

कांग्रेस का खदान घोटले पर आरोप, राजे का इस्तीफे मांगा

नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज राजस्थान में खानों के आवंटन में 45 हजार करोड़ रुपए के घोटले का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के तत्काल इस्तीफे और मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में

कांग्रेस का खदान...- India TV Hindi
कांग्रेस का खदान घोटले पर आरोप, राजे का इस्तीफे मांगा

नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज राजस्थान में खानों के आवंटन में 45 हजार करोड़ रुपए के घोटले का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के तत्काल इस्तीफे और मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने की मांग की। पार्टी ने केन्द्र की नीतियों का कथितरूप से उल्लंघन करते हुए तकरीबन 653 खदानों के आवंटन के लिए वसुंधरा राजे को दोषी ठहराया और इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया जबकि उन्होंने ऐलान किया था कि न खाउंगा और न खाने दूंगा।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट और विधायक दल के नेता रामेश्वर डुडी तथा कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि कथित घोटाले में शक की सुई मुख्यमंत्री के दरवाजे तक जाती है, यद्यपि मामले में सिर्फ एक शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी हुई है। पायलट और डुडी ने कहा कि प्रधान सचिव (खान) अशोक सिंघवी की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण है, इस तथ्य के मद्देनजर कि वह वसुधरा राजे के पिछले कार्यकाल के दौरान भी उसी पद पर काबिज थे। इन नेताओं ने राजे पर राजस्थान में खानों के आवंटन में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए बगैर और नीलामी न कर पहले आओ पहले पाओं के आधार पर 653 खानें आवंटित कर राज्य के खजाने को 45000 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने राज्य सरकार से कहा था कि जब तक इस संबंध में नीति नहीं बन जाती, आवंटन न किया जाए इसके बावजूद ऐसा किया गया।पायलट ने कहा, राजस्थान में यह सबसे बड़ा घोटाला है। राजस्थान में यह सबसे बड़ी लूट है। हम उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हैं। हम यह भी मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री तत्काल इस्तीफा दें क्योंकि जब तक वह पद पर रहेंगी मामले की स्वतंत्र जांच संभव नहीं है।

पायलट ने फिलहाल राज्य भ्रष्टाचार निरोधक इकाई द्वारा मामले की की जा रही जांच को भी भी खारिज किया। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि राज्य में 653 खानों के आवंटन के रूप में करीब एक लाख बिघा जमीन दे दिया गया। इन खानों में खनिज का मूल्य करीब दो लाख करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि अगर इनकी निलामी की जाती तो राजस्थान सरकार को 45000 करोड़ रुपए की आय होती। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी इस मामले में अदालत में जाएगी उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को राजस्थान विधानसभा में उठाएगी और सड़कों पर ले जाएगी और साथ ही कानूनी सलाह लेकर हर उचित कदम उठाएगी। खानों के आवंटन पर भाजपा नेतृत्व द्वारा कोई आपत्ति नहीं उठाने पर सवाल करते हुए पायलट ने आरोप लगाया कि वसुंधरा राजे सरकार ने उचित प्रचार और दिशानिर्देशों का अनुपालन किए बगैर अपारदर्शी आवंटन प्रक्रिया के जरिए कुछ चहेतों को अनुचित तरीके से खदानों को आवंटित कर जनता के जनादेश के खिलाफ काम किया।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि तय नियमों का उल्लंझन करते हुए खानों के मनमाने आवंटन के जरिए ढाई महीने की अवधि के दौरान हजारों करोड़ रुपए की ठगी की गई। नियमों में यह स्पष्ट था कि खानों की सिर्फ निलामी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने 14 नवम्बर को राज्यों को दिशानिर्देश जारी किया था कि खदानों की सिर्फ निलामी की जानी चाहिए और 12 जनवरी को इस बारे में गजट अधिसूचना जारी की गई थी। लेकिन राजस्थान सरकार ने अकेले उसी दिन (12 जनवरी को) 137 खाने आवंटित कर दी।
इससे पहले कांग्रेस ने ललित मोदी प्रकरण में वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग की थी।

Latest India News