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दिल्ली: कांग्रेस ने खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा, कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को राज्यसभा में दो कृषि विधेयकों 'कृषक उपज व्यापार एंव वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एंव कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020' के पारित किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

Congress workers protest over farm bills in New Delhi- India TV Hindi
Image Source : PTI Congress workers protest over farm bills in New Delhi

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को राज्यसभा में दो कृषि विधेयकों 'कृषक उपज व्यापार एंव वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एंव कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020' के पारित किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।

बता दें कि कांग्रेस इन दोनों ही बिलों का विरोध कर रही है। इन्हें लेकर कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समाप्त करने और कॉर्पोरेट जगत को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों नए कृषि विधेयक लेकर आई है। राज्यसभा में कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा ने रविवार को अपने बयान में यह आरोप लगाए थे। 

बाजवा ने आरोप लगाया था कि दोनों विधेयक किसानों की आत्मा पर चोट हैं, यह गलत तरीके से तैयार किए गए हैं तथा गलत समय पर पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी हर दिन कोरोना वायरस के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और सीमा पर चीन के साथ तनाव है। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार का इरादा MSP को खत्म करने का और कॉर्पोरेट जगत को बढ़ावा देने का है। 

उन्होंने सवाल किया था कि क्या सरकार ने नए कदम उठाने के पहले किसान संगठनों से बातचीत की थी? उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों विधेयक देश के संघीय ढांचे के साथ भी खिलवाड़ हैं। जिन्हें आप फायदा देना चाहते हैं, वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में नए कानूनों की जरूरत क्या है। देश के किसान अब अनपढ़ नहीं हैं और वह सरकार के कदम को समझते हैं।

हालांकि, इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार का दावा है कि नए नियमों से देश के कृषि क्षेत्र की काया पलट जाएगी, किसानों को लाभ होगा और देश का कृषि क्षेत्र तेजी से विकसित होगा। बात अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य की की जाए तो सरकार साफ कह चुकी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था समाप्त नहीं होगी बल्कि और मजबूत की जाएगी।

सरकार ने जोर देकर कहा है कि नए कृषि विधेयक अगर कानून बने तो MSP की व्यवस्था को खत्म नहीं किया जाएगा बल्कि इसे और मजबूत किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को कहा था कि कृषि उपज एवं कीमत आश्वासन संबंधी विधेयकों को ‘किसान हितैषी’ बताते हुए कहा कि किसानों की उपज की, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था के तहत खरीद हो रही है और यह आगे भी जारी रहेगी।

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