नई दिल्ली: “धर्म के ठेकेदारों में खींच दीं चंद लकीरें इनसानों में, एक खुदा की नेमत इंसान इंसान से नफरत करने लगा।” एक हिंदू को पाकिस्तान में किन मुश्किलों का हर रोज सामना करना पड़ता है शायद आप उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। पाकिस्तान के एक सिंधी हिंदू ने जो कहानी बताई है उसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। क्या पाकिस्तान जैसे मुल्क में एक हिंदू परिवार का रहना किसी शेर की मांद में रहने जैसा ही है? अगर पाकिस्तान में ऐसे हालात हैं तो क्या आप ऐसे मुल्क को पाक कहना उचित समझेंगे?
पाकिस्तान से सिंधी हिंदू ने क्या कहा-
डॉन डॉट काम पर छपी एक खबर के मुताबिक हैदराबाद प्रेस क्लब के बाहर एक राजनीतिक कार्यकर्ता अंग्रेजी में नारेबाजी कर रहा था, “हम मुस्लिम नहीं हैं, हम हिंदू भी नहीं हैं लेकिन हम सिंधी हैं, यहां पर सिंधी हिंदुओं को सिंध छोड़ने को मजबूर करने लिए साजिश रची जाती है, लेकिन हम ऐसे इरादों वाले नापाक तत्वों को सफल नहीं होने देंगे।”
सिंधी हिंदू ने बताया, “उसने सोचा कि शायद अन्य राष्ट्रवादियों की तरह नारेबाजी कर रहा वह कार्यकर्ता शायद सोच रहा होगा कि शायद उसकी बाद न सिर्फ पाकिस्तान के हर हिस्से में पहुंचेगी बल्कि इसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देगी। लेकिन दुखद बात यह है कि इनसब आंदोलनों का कोई मतलब नहीं है और इसका संदेश भी व्यर्थ। उनके समुदाय के तीखे विरोध के बावजूद हालात वैसे ही हैं जैसे कि कल थे। हिंदू लड़कियों का पहले भी धर्मांतरण किया जाता था और आज भी उन्हें मुस्लिम बनाया जाता है। मुझे पूरी भरोसा है यह धर्मांतरण तब तक जारी रहेगा जब तक कि सिंध की धरती पर आखिरी हिंदू परिवार भी नहीं बचेगा।”
अगली स्लाइड में पढ़ें क्या है सिंध की सच्चाई
Latest India News