नई दिल्ली: दिल्ली की कंपनी राठी स्टील एंड पॉवर लिमिटेड (आरएसपीएल) के विरुद्ध कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए एक अदालत ने 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की। विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की और केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) से कहा कि वह गवाहों की सूची दे, ताकि उन्हें सम्मन भेजा जा सके।
सीबीआई ने कहा कि वह एक जुलाई तक सूची सौंप देगी।
गत महीने अदालत ने इस मामले में आरएसपीएल और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदित राठी के विरुद्ध आरोप तय किया था। अदालत ने साथ ही राठी, आरएसपीएल और प्रबंध निदेशक प्रदीप राठी तथा सहायक महाप्रबंधक कुशल अग्रवाल के विरुद्ध आपराधिक षड़यंत्र का आरोप तय किया था।
सभी आरोपियों ने गुनाह कबूल करने से इंकार करते हुए सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया। सीबीआई ने आरएसपीएल को छत्तीसगढ़ का केसला उत्तर कोयला ब्लॉक अवैध तौर पर आवंटित किए जाने पर कंपनी, इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी और दो अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था।
सीबीआई ने कंपनी और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी के विरुद्ध 19 जून, 2013 को यह मामला दर्ज किया था।
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