नई दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने आज पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए घरेलू हिंसा और हत्या के प्रयास के मामले में AAP विधायक सोमनाथ भारती की जमानत मंजूर की। अदालत ने इस आशंका को खारिज किया कि वह फरार हो सकते हैं। हालांकि अदालत ने उन पर कई शर्तें लगाते हुए कहा कि वह पूर्व अनुमति के बगैर दिल्ली छोड़कर नहीं जाएंगे, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और जब भी जरूरत होगी, जांच में शामिल होंगे। अदालत ने कहा कि जांच उददेश्य के लिए भारती की अब जरूरत नहीं है। अदालत ने कहा कि वह दिल्ली विधानसभा के सदस्य हैं और पुलिस की इस चिंता से सहमत होने का कोई आधार नहीं है कि वह विदेश भाग सकते हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि उनका आवेदन स्वीकार किया जाता है। आवेदक सोमनाथ भारती को एक लाख रूपये के निची मुचलके तथा इतनी ही राशि का एक जमानती बांड देने पर जमानत दी जाती है।
अदालत ने भारती को इस मामले में आरोपपत्र दायर होने तक डीसीपी (दक्षिण पश्चिम) के कार्यालय में सप्ताह में एक बार अपनी उपस्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि भारती ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे फिर से तर्कपूर्ण आधार पैदा हो कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच या सुनवाई में अड़चनें पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। भारती ने यह जमानत याचिका तब दायर की थी जब उच्चतम न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए उनसे नियमित जमानत के लिए निचली अदालत से गुहार लगाने को कहा था।
भारती के कुत्ते डान को अदालत से मिली क्लीन चिट
शहर की एक अदालत ने AAP विधायक सोमनाथ भारती के पालतू कुत्ते डान को क्लीन चिट देते हुए कहा कि कुत्ते के उनकी पत्नी को काटने का आरोप निराधार है। अदालत ने कहा कि कथित रूप से काटने की घटना से संबंधित रिकार्ड की हुई बातचीत और पशुचिकित्सकों द्वारा कुत्ते की जांच में भारती की पत्नी लिपिका मित्रा के आरोपों से अलग स्थिति सामने आई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि 30 सितंबर की केस डायरी पढकर पता चलता है कि पशु अस्पताल के डाक्टरों के बोर्ड द्वारा कुत्ते डान की जांच की गई और आवेदक भारती को उसे आदेश देने का निर्देश दिया लेकिन कुत्ते ने उनके निर्देश का पालन नहीं किया।
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