नई दिल्ली: एक विशेष अदालत ने आज केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश दिया कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय पर छापे के दौरान जब्त कुछ दस्तावेजों को दिल्ली सरकार को वापस करे।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने इस निर्देश के साथ पिछले साल 15 दिसंबर को एजेंसी द्वारा उसके छापे के दौरान जब्त कुछ दस्तावेज जारी करने के अनुरोध वाले दिल्ली सरकार के आवेदन का निपटारा कर दिया। उन्होंने कहा, दस्तावेज देने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
न्यायाधीश ने आदेश सुनाते हुए कहा, ‘दिल्ली सरकार द्वारा दायर 21 दिसंबर 2015 के आवेदन का निपटारा किया जाता है। सीबीआई को आदेश के पैरा नंबर आठ के दस्तावेजों को जारी करने का निर्देश दिया जाता है।’ दिल्ली सरकार ने अपनी याचिका में आवेदक के कार्यालय पर द्वेषपूर्ण तरीके से छापा मारने और दस्तावेज जब्त करने के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करने का भी अनुरोध किया था।
याचिका में कहा गया था कि परिसर पर छापे का एकमात्र उद्देश्य द्वेषपूर्ण तरीके से घुसपैठ, दिल्ली सरकार के काम में बाधा डालना और नुकसान पहुंचाना था। सीबीआई ने 15 दिसंबर 2015 को प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय पर छापा मारा था और इस दौरान तीसरी मंजिल पर अधिकारियेां तथा कर्मचारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई थी। इसी मंजिल से मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी सरकार चलाते हैं।
सीबीआई ने इससे पहले अदालत से कहा था कि कुमार के कार्यालय पर छापे का निशाना दिल्ली सरकार नहीं बल्कि कथित भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ था जिसने अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग किया।
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