आगरा: ताज की नगरी में कई सालों से बंद दरवाजों के पीछे कई महिलाओं और लड़की का टॉर्चर हो रहा था। ये सब वहां हो रहा था जहां कानून की नजर में महिलाएं सबसे अधिक महफूज होती हैं। महिला संरक्षण गृह से बाहर आई लड़कियों ने जो कहानी सुनाई वो हैरान करने वाली है। इन लड़कियों ने खराब खाना, जबरन कमरे में लॉक करना और सीसीटीवी से एमएमएस बनाने तक के आरोप लगाएं हैं।
लड़कियां, MMS और 'टॉर्चर होम' की दास्तां
आगरा के एक नारी संरक्षण गृह में रहने वाली इन महिलाओं ने नर्क तो नहीं देखा लेकिन नर्क की जिंदगी और वहां रहनेवाले राक्षसों का एहसास जरूर किया है। इन लड़कियों के साथ मारपीट की जाती थी ताकि ये किसी के सामने भी दीवारों के भीतर की बातों की शिकायत ना करें। लड़कियों के मुताबिक नारी गृह में रहनेवाली एक मूक बधिर लड़की के साथ रेप किया किया गया और इसकी शिकायत संचालक ने किसी से नहीं की।
दो बच्चे अचानक लापता क्यों हो गए?
पंचशील सोशल वेलफेयर सोसायटी ने मालिक डीडी मथुरिया और उनके तीन बेटों के खिलाफ की गई इस शिकायत को सही पाया गया है। पूरे मामले की जांच आगरा की सिटी मैजिस्ट्रेट से कराई गई थी। आरोप ये भी है कि संरक्षण गृह में एक बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया गया तो वहीं कुछ बच्चे गायब कर दिए गए।
प्रशासन ने भले ही इस मामले में कठोर कार्रवाई कर पंचशील आश्रम को सीज कर आरोपी संचालक के खिलाफ ताजगंज थाना मवि मुकदमा दर्ज करा दिया गया लेकिन अभी भी आरोपी संचालक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। गौर करने की बात यह है की इसी आश्रम का संचालक डीडी मथुरिया राज्य बाल और महिला आयोग की कमेटी के मनोनीत सदस्य भी है।
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