मुंबई: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि यूपीए सरकार के समय में कभी कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई। पर्रिकर का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला सरकार की तरफ से लिया गया और सेना ने इसे अंजाम तक पहुंचाया।
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मनोहर पर्रिकर ने यूपीए सरकार में शामिल नेताओं के उन दावों को खारिज कर दिया कि यूपीए शासन में भी सर्जिकल स्ट्राइक किए गए थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि पहली बार एलओसी पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई है। इससे पहले जो ऑपरेशन हुए उन्हें कोवर्ट ऑपरेशन कहा जाता है। इस तरह के ऑपरेशन में फैसले आर्मी के लोकल कमांडरों तक ही सीमित रहते थे। इन फैसलों के पीछे राजनीतिक नेतृत्व की कोई भूमिका नहीं रही।
उरी हमले के बाद राजनीतिक नेतृत्व ने सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला लिया। सेना ने पूरी योजना को बेहद उत्कृष्ट तरीके से अंजाम तक पहुंचाया। पर्रिकर ने कहा कि इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व को जाता है, जिन्होंने इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने की मजबूत इच्छाशक्ति पर काम किया।
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