नई दिल्ली: शहर के सिविल लाइन्स इलाके में अपने पिता की मर्सिडीज से एक व्यक्ति को कथित तौर पर कुचल डालने वाले 17 वर्षीय किशोर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने मर्सिडीज कार के मालिक को आज गिरफ्तार कर लिया जिसका नाबालिग बेटा घटना के समय कथित तौर पर वाहन चला रहा था।
डीसीपी (उत्तर) मधुर वर्मा ने बताया सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर, इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी किशोर रिहायशी इलाके में बहुत तेजी से गाड़ी चला रहा था जिसकी वजह से पीडि़त की जान गई। अधिकारी ने कहा कि कारोबारी इस बात से वाकिफ था कि उसका बेटा कार बाहर लेकर जा रहा है, इसके बावजूद उसने अपने बेटे को नहीं रोका।
पहले भी चालान कटा चुका है नाबालिग
उन्होंने बताया जांच के दौरान यह भी पाया गया कि इस आरोपी किशोर का तेजी से और लापरवाही से गाड़ी चलाने का यह पहला अपराध नहीं है। पहले भी वह इसी तरह गाड़ी चलाते हुए एक अन्य वाहन के साथ दुर्घटना कर चुका है। पिछले साल इस किशोर का तेज गति से वाहन चलाने और गलत जगह पर पार्किंग करने के लिए तीन बार चालान हुआ था। वर्मा ने बताया कि इन तथ्यों पर गौर करते हुए सिद्धार्थ शर्मा की मौत गैर इरादतन हत्या का मामला है तथा प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 जोड़ दी गई है।
इस बीच, हादसे में जान गंवाने वाले 32 वर्षीय सिद्धार्थ शर्मा की बहन ने दिल्ली पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा से मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने विश्वास दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाद में उन्होंने इस मामले के जांच अधिकारियों को बदल दिया।
जांच अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं कि मर्सिडीज के मालिक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश तो नहीं की क्योंकि घटना के बाद एक व्यक्ति ने खुद को उसका ड्राइवर बताते हुए दावा किया था कि गाड़ी वह चला रहा था। सिद्धार्थ की मौत के बाद यह व्यक्ति अपने बयान से पलट गया।
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