नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग एन्क्लेव से भारतीय जनता पार्टी की पार्षद राधिका अबरोल ने शुक्रवार को प्रस्ताव दिया कि हुमायूंपुर गांव का नाम बदलकर हनुमानपुर किया जाना चाहिए। उन्होंने दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के दक्षिण जोन की जोनल समिति की बैठक में यह प्रस्ताव रखा।
प्रस्ताव में अबरोल ने कहा मुगल काल के दौरान दिल्ली के सभी गांवों का नाम जबरन बदला गया था। उन्होंने कहा कि सफदरजंग एन्क्लेव के वार्ड संख्या 61 में स्थित हुमायूंपुर गांव भी इसमें शामिल है जो एसडीएमसी के अधिकारक्षेत्र के तहत शहरीकृत गांव की श्रेणी में आता है।
प्रस्ताव में कहा गया, “हुमायूंपुर गांव के लोगों की लंबे समय से यह मांग है कि इसका नाम बदलकर हनुमानपुर रख दिया जाए। गांव के लोगों की मांग और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गांव का नाम बदलना जनहित में होगा।”
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि उचित कार्रवाई के लिए इसे निकाय संस्था की नामकरण समिति को भेजा जाएगा। इससे एक दिन पहले एसडीएमसी के महापौर मुकेश सूर्यन ने मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर माधवपुरम करने को अग्रिम मंजूरी दी थी।
दिल्ली के मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलने को एसडीएमसी के महापौर ने दी अग्रिम मंजूरी
इससे पहले गुरुवार को दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर मुकेश सूर्यन ने ‘मोहम्मदपुर’ गांव का नाम बदलकर ‘माधवपुरम’ करने की “अग्रिम मंजूरी” दी। इस फैसले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया।
उन्होंने कहा कि मुनीरका क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव का नाम बदलकर ‘माधवपुरम’ करने का प्रस्ताव सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के पार्षद भगत सिंह टोकस ने इस साल जुलाई में हुई मंडलीय बैठक में पेश किया था जिसे महापौर ने गुरुवार को अग्रिम मंजूरी प्रदान की।
मंजूरी पत्र में सूर्यन ने कहा कि मुगलकाल के दौरान, सभी गांवों का नाम जबरदस्ती बदला गया था जिसमें मुनीरका के वार्ड संख्या 66 का मोहम्मदपुर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह गांव एसडीएमसी के कार्यक्षेत्र के तहत शहरीकृत गांव की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि मोहम्मदपुर के लोगों की लंबे समय से मांग थी कि गांव का नाम बदलकर माधवपुरम किया जाए।
Latest India News