लखनऊ: मथुरा के जवाहरबाग हिंसा में मारे गए पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी के परिजनों ने कथित तौर पर हालात से ठीक से न निपटने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) तथा जिला पुलिस प्रमुख (SSP) के खिलाफ बुधवार को मुकदमा चलाने की मांग की। मुकुल द्विवेदी के छोटे भाई प्रफुल्ल द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को पूरे मामले तथा किन परिस्थितियों में हिंसा हुई, इसकी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच करानी चाहिए।
प्रफुल्ल ने कहा कि अगर तत्कालीन जिलाधिकारी राजेश कुमार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मुकुल के माता-पिता, उनकी विधवा पत्नी व उनके दोनों बच्चे मथुरा के जवाहरबाग में धरने पर बैठेंगे।
मारे गए SP के परिजनों ने राकेश सिंह तथा राजेश कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए एक अभियान की शुरुआत की है। इनका कहना है कि इन दोनों अफसरों ने दो जून को पुलिस को बिना तैयारी के जवाहरबाग जाने का आदेश दिया।
mother of mukul dwiwedi, mukul dwiwedi with family
उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही दोनों अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया है और घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह के खिलाफ अभी भी गुस्सा है। मथुरा पुलिस बल में बहुत से लोग हिंसा की घटना के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जवाहरबाग में बीते दो जून को अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस व अतिक्रमणकारियों के बीच झड़प में दो पुलिस अधिकारियों सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी।
एक अधिकारी ने आरोप लगाया, "अतीत में फिरोजाबाद में हिंसा भड़कने के बाद राकेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया था, लेकिन अपने राजनीतिक संबंधों के बूते पर वह फिर अच्छी पोस्टिंग पाने में कामयाब रहे।"
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