मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के डेंगू को अधिसूचित बीमारी के तौर पर वर्गीकृत करने से अधिकारी अब आवासीय परिसरों में डेंगू की बीमारी पैदा करने वाले एडीज एजिप्टी मच्छर के लारवा प्रजनन की जांच करने में सक्षम होंगे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि पिछले साल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के स्वास्थ्य कर्मियों ने कुछ बॉलीवुड अभिनेताओं को अपने आवासीय परिसरों में मच्छर के लारवा पनपने से रोकने के लिए समुचित उपाय नहीं करने पर नोटिस जारी किया था।
पिछले साल की तुलना में इस साल मलेरिया के मरीजों की संख्या गिरी है, सावंत
सावंत ने बताया, पिछले साल की तुलना में इस साल मलेरिया के मरीजों की संख्या गिरी है। सरकार ने केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई एक लाख 10 हजार मच्छरदानियों को उन इलाकों में भेजा है जहां मलेरिया के मामलों का पता चला है। उन्होंने बताया कि पिछले साल डेंगू के 442 मामले थे, जिनमें दो लोगों की मौत हुई थी।
इस साल डेंगू के 14,203 मामले सामने आए हैं और अब तक दो लोगों की मौत हुई है। लेकिन, डेंगू के मामले में मृत्युदर में कमी आई है। उन्होंने बताया कि डेंगू के मामलों से निपटने के लिए करीब 2,800 स्वास्थ्यकर्मियों को क्लिनिकल प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सावंत ने बताया कि पिछले साल 14,201 मलेरिया के मामलों की पहचान हुई थी, जबकि इस साल जून के आखिर तक 9,378 मामलों का पता चला और अब तक इससे किसी की मौत नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल स्वाइन फ्लू के 8,583 मामलों के बनिस्बत इस साल स्वाइन फ्लू के केवल 68 मामले सामने आए हैं। गैस्ट्रोएंटराटिस जैसे जल जनित रोगों के बढ़ने के मामलों का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि इस सम्बंध में अधिकारियों को जल स्रोतों की मैपिंग को कहा गया है।
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