इस दूध का कारोबार करने वालों का दावा है कि इससे इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। इस बारे में यूनिवर्सिटी टीम का कहना है कि ये दावा गुमराह करने वाला है और ये कैंसर रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। दो पार्टियों के बीच आपसी सहमति से ख़रीदे जाने के कारण फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कि इंसानी दूध को बेचने की क्या प्रक्रिया है। बार्ट्स एंड द लंदन स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री की डॉक्टर सारा स्टील ने बीबीसी को जानकारी दी कि इंसानी दूध का बाज़ार दुनिया भर में लगातार बढ़ रहा है।
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