शिलोंग: देश के पूर्वोत्तर राज्यों सहित बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में शुक्रवार तड़के कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, इससे जान-माल की हानि की कोई खबर प्राप्त हुई है। केंद्रीय भूकंप केंद्र के भूकंपविज्ञानी ने आईएएनएस को बताया, "यह भूकंप तड़के 3.45 बजे आया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। बांग्लादेश की सीमा से सटे असम के करीमगंज जिले को भूकंप का केंद्र बताया गया है।"
असम के कुछ हिस्सों, मेघालय, पूर्वोत्तर से जुड़े कुछ क्षेत्रों के अलावा बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
भूकंप के ये झटके 10 से 12 सेंकड तक महसूस किए गए।
देश के पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर हैं। भूकंपवैज्ञानिकों के मुताबिक, देश का पूर्वोत्तर हिस्सा दुनियाभर के सर्वाधिक भूकंप की आशंका वाले क्षेत्रों में छठे स्थान पर माना जाता है।
भूकंप आने पर क्या करें, क्या न करें
- भूकंप आने पर फौरन घर, स्कूल या दफ़्तर से निकलकर खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंबों आदि से दूर रहें।
- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा।
- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
- अगर आप बाहर नहीं निकल पाते तो टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
- कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
- खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है।
- गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंबों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।
हेल्पलाइन
- 1077 दिल्ली में किसी भी कुदरती आपदा या हादसे जैसे रोड एक्सिडेंट, बिल्डिंग गिरने, आग लगने, भूकंप आदि के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यह सुविधा फ्री है और 24 घंटे मिलती है।
1070
- पूरे देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा होने पर मदद के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इस हेल्पलाइन पर फोन करके आप अपने प्रदेश के हेल्पलाइन का अलग नंबर भी ले सकते हैं।
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