पटना: बिहार में शनिवार को आए भूकंप के झटकों से घर-मकान और दीवारों के गिरने से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 51 तक पहुंच गई, जबकि 173 लोग घायल हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। उधर राजधानी पटना सहित प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को दोपहर करीब 12:40 बजे भूकंप का ताजा झटको महसूस किया गया।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी ने बताया कि राज्य में रविवार को एकबार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि शनिवार को आए भूकंप से मरने वालों की संख्या अब तक 51 पहुंच गई है। शनिवार को यह संख्या 32 थी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर रहे थे। इसी दौरान भूकंप के झटके आने के कारण वे बैठक छोड़ बाहर निकल गए।
आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष के अनुसार, शनिवार को आए भूकंप के कारण राज्य में जानमाल की व्यापक क्षति हुई है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कम से कम 53 मकान गिर गए हैं, जबकि 51 लोगों की मौत हो गई है। सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले में मौत हुई है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को आला अधिकारियों के साथ राहत और बचाव की समीक्षा को लेकर कई दौर की बैठकें की। नीतीश कुमार ने कहा कि भूकंप प्रभावित जिलों में पीड़ितों के बीच राहत कार्य युद्घस्तर पर चलाने के निर्देष दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राहत कार्य भूकंप पीड़ितों के साथ-साथ इस वर्ष फरवरी और मार्च महीने में आए बेमौसम बारिश, चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों के बीच भी चलाया जाएगा।
नीतीश ने कहा कि राज्य में लगातार आ रही आपदा के मद्देनजर प्रभावित परिवारों की परेशानी को दूर करने के लिए राहत सामग्री के तौर पर प्रति परिवार एक क्विंटल अनाज के अतिरिक्त 5800 रुपये नकद राशि का भुगतान किया जा रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव सुनील कुमार ने बताया कि भूकंप के कारण हुई क्षति का आकलन करवाया जा रहा है।
इधर, राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये बतौर मुआवजा देने तथा घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
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