नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9000 करोड़ से अधिक का बैंक कर्ज लेकर देश से भागे विजय माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से कहा है। इससे पहले ब्रिटेन ने बुधवार को कहा था कि वह माल्या को अपने देश से नहीं निकालेगा। उनके यहां ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके आधार पर माल्या को निकाला जा सके। लेकिन ये भरोसा दिया है कि भारत अगर प्रत्यर्पण के लिए कोशिश करेगा तो उसमें वह पूरा सहयोग करेगा।
गौर हो कि ईडी मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के आपराधिक प्रावधानों के तहत संपत्ति को कुर्क करने के लिये देश भर में माल्या की संपत्ति की पहचान तथा उसके मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उसने कहा कि ईडी माल्या के विभिन्न कंपनियों के शेयरों को कुर्क करने के अपने कदम के बारे में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी को सूचित करेगा ताकि ‘थर्ड पार्टी’ अधिकार सृजित हो।
माल्या के उपर सार्वजनिक बैंकों का 9400 करोड़ रूपये का ऋण बकाया है तथा उन पर धन शोधन के आरोप भी लगे हैं। राज्यसभा का सदस्य होने के कारण माल्या के पास राजनयिक पासपोर्ट था। उन्होंने इस माह के शुरू में उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था। माल्या दो मार्च को लंदन भाग गये थे और उसके एक दिन बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अपने कर्ज की वसूली के लिए उच्चतम न्यायालय का द्वार खटखटाया था। इसके कुछ हफ्ते बाद सरकार ने माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया।
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