नोएडा: नोएडा से लापता फैशन डिजायनर शिप्रा मलिक का पता लग चुका है। 84 घंटे के बाद शिप्रा खुद ही घर लौट आई। उसकी किडनैपिंग नहीं हुई थी बल्कि वो खुद ही घर छोड़कर चली गई थी। घरवालों के कर्ज से दबे होने की वजह से शिप्रा डिप्रेशन में आ गई थी और इसी बीच टीवी के एक क्राइम शो से शिप्रा को एक आईडिया मिल गया।
क्राइम शो से 'किडनैपिंग तक'
फैशन डिजायनर शिप्रा मलिक की मिसिंग मिस्ट्री किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। इस कहानी में इमोशन है, सस्पेंस है और क्राइम शो से मिले किडनैपिंग की झूठी साजिश का ड्रामा भी है। वही ड्रामा जिसका क्लाइमेक्स सुनकर पुलिसवालों के साथ-साथ शिप्रा के घरवालों के होश फाक्ता है क्योंकि पेशे से फैशन डिजायनर शिप्रा का ना तो अपहरण हुआ था, ना ही वो किसी साजिश का शिकार बनी थी। शिप्रा तो खुद ही 84 घंटे पहले घर छोड़कर गई और 84 घंटे के बाद खुद ही घर लौट आई।
शिप्रा ने अपने अपहरण की झूठी स्क्रिप्ट क्यों लिखी ?
- घरवालों पर भारी कर्ज से तनाव में थी शिप्रा मलिक
- देनदारों के बढ़ते दवाब से शिप्रा डिप्रेशन में आ गई
- तनाव के चलते शिप्रा ने घर छोड़ने का फैसला किया
- क्राइम शो से मिला अपहरण के प्लान का आईडिया
शिप्रा मलिक सिर्फ शादीशुदा ही नहीं बल्कि 18 महीने के बेटे की मां भी थी,ऐसे में शिप्रा ने सोचा कि अगर वो घर छोड़कर कहीं चली जाती है तो समाज में तरह-तरह के कयास लगाए जाएंगे,यानी शिप्रा को घर छोड़ने से पहले ऐसा सीन क्रिएट करना था जिससे दुनिया को यही लगे कि उसका अपहरण हुआ है।
क्राइम शो से मिला आइडिया, शिप्रा ने बनाया खुद की किडनैपिंग का प्लान
फैशन डिजायनर शिप्रा ने अपने अपहरण की साजिश रचने के लिए टीवी पर आने वाले कई क्राइम शो देखने शुरू कर दिए। ये तलाश उस वक्त खत्म हो गई जब उसे अपहरण का एक प्लान मिल गया, जिसमें उसे किसी और की मदद नहीं चाहिए थी। क्राइम शो से शिप्रा को अपहरण का आइडिया मिल गया,अब बारी थी शिप्रा के दिमाग में चल रही साजिश को हकीकत में बदलने की। प्लान के तरह शिप्रा ने 29 फरवरी को चुना। किसी को शक ना हो, लिहाजा उसने बेहद शातिराना अंदाज में एक-एक कदम आगे बढ़ाया। पहले पति से मुलाकात की और फिर खुद अपने घर से चंद 100 मीटर दूर कार को लावारिस हालात में खड़ा कर दिया ताकि दुनिया को ये लगे कि उसे अगवा किया गया है।
कार को लावारिस हालात में छोड़ने के बाद शिप्रा को अपनी साजिश के अगले हिस्से को अंजाम देना था यानी नोएडा से दूर राजस्थान जाना। किसी को शक ना हो,ऐसे में बस में सवार होकर शिप्रा धौला कुंआ की तरफ रवाना हुई। इसी दौरान बस में बैठ-बैठे ही लाजपत नगर में शिप्रा ने 100 नंबर पर फोन किया था, ये फोन पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया था। पुलिस इसी बात में उलझी रही कि शिप्रा की कार नोएडा में मिली और उसकी आखिरी लोकेशन दिल्ली के लाजपत नगर में कैसे थी।
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