श्रीनगर: विवादास्पद टिप्पणी करने को लेकर हिंदू महासभा की एक नेता के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा था कि बढ़ती आबादी को रोकने के लिए मुसलमानों और ईसाइयों को अवश्य ही नसबंदी करानी चाहिए।
श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वीएस भाउ के निर्देश पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा की उपाध्यक्ष साध्वी देवा ठाकुर के खिलाफ सेद्दार पुलिस थाना में कल प्राथमिकी दर्ज की गई।
सीजेएम ने जमीयत ए अहले हदीस के पूर्व सचिव एआर भट की एक अर्जी पर थाना प्रभारी को प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आरोपी के खिलाफ एक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। भट ने हिंदू नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच बैर को बढ़ावा देने को लेकर और सौहार्द को नुकसान पहुंचाने को लेकर साध्वी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ आरपीसी की धारा 153 ए :धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों में शत्रुता को बढ़ावा देना: और 295 ए : किसी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करना: के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि साध्वी ने 12 अप्रैल को कहा था कि मुसलमानों और ईसाइयों की आबादी दिन ब दिन बढ़ रही है। इस पर लगाम लगाने के लिए केंद्र को आपातकाल लगाना होगा और मुसलमानों और ईसाइयों को नसबंदी के लिए मजबूर करना होगा ताकि वे अपनी संख्या नहीं बढ़ा सके।
उन्होंने हिंदुओं को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए और अपनी आबादी बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया था।
उन्होंने एक और टिप्पणी में कहा था कि हिंदु देवी देवताओं की मूर्तियां मस्जिदों और गिरिजाघरों में स्थापित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने हरियाणा में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने का जोरदार समर्थन किया था।
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