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नासिक का रामकुंड 130 वर्षो में पहली बार सूखा

नासिक: गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करने के लिए सदियों से रामकुंड की बहुत मान्यता रही है, लेकिन पिछले 130 सालों में यह पहली बार यह कुंड पूरी तरह से सूख गया है। एक शीर्ष

First time in 130 years Ramkund of Nasik will be dry- India TV Hindi
First time in 130 years Ramkund of Nasik will be dry

नासिक: गोदावरी नदी में पवित्र स्नान करने के लिए सदियों से रामकुंड की बहुत मान्यता रही है, लेकिन पिछले 130 सालों में यह पहली बार यह कुंड पूरी तरह से सूख गया है। एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। लोग यहां पवित्र डुबकी लगाने और धार्मिक संस्कार करने के लिए आते हैं। गुड़ी पर्व के दिन यानी आठ अप्रैल को हजारों श्रद्धालुओं के यहां स्नान करने लिए जुटने की संभावना है, लेकिन इस बार वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।

नासिक नगर निगम के उप महापौर गुरमीत बग्गा ने कहा, "कल (शुक्रवार) गुड़ी पर्व के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के रामकुंड में स्नान के लिए जुटने की संभावना है, लेकिन वे इस साल पवित्र स्नान नहीं कर पाएंगे। कम से कम जुलाई के अंत तक यही हालात रहेंगे।" बग्गा ने कहा कि सीमेंट निर्मित रामकुंड सूखकर अब एक खेल का मैदान बन गया है, जहां बच्चे फुटबॉल और क्रिकेट खेलते हैं।

नागरिक निकाय हालांकि कुंड को फिर से पानी से भरने के लिए विचार कर सकता है। इसे भरने के लिए नदी में बोरवेल का सहारा लिया जा सकता है। यह परियोजना हालांकि धार्मिक भावनाओं व लागत सहित विभिन्न तथ्यों पर निर्भर करेगा। बग्गा ने कहा कि इसके अलावा, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बोरवेल से इस समस्या का समाधान हो जाएगा, क्योंकि जिले में जल स्तर काफी नीचे जा चुका है।

पुरोहित संघ ने नासिक नगर निगम के अधिकारियों से अपील की है कि वे रामकुंड में पानी भरने का कोई उपाय करें, ताकि श्रद्धालु शुक्रवार को धार्मिक रीति-रिवाजों को अंजाम दे सकें। पुजारियों ने निकट के जलाशयों से पानी लाकर रामकुंड को भरने का सुझाव दिया है, जिस पर अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बग्गा ने कहा कि निगम वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 100 लीटर प्रति व्यक्ति पानी नासिक के निवासियों को मुहैया करा रहा है, जो राष्ट्रीय मानदंड एक दिन में 130 लीटर प्रति व्यक्ति से कम है।

उप महापौर ने कहा, "जुलाई के तीसरे सप्ताह तक हमारा लक्ष्य जल संरक्षण करना है और अगस्त के मध्य तक जलाशयों को भरना जारी रखेंगे।" इस बीच, जल संकट ने न सिर्फ व्यापार बल्कि जिले में गर्मी के पर्यटन को भी प्रभावित किया है।

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