एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रेसिडेंट के इंस्टीट्यूशन को पब्लिक से जोड़ा वो सही मायनों में जनता के राष्ट्रपति थे- उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति कलाम की सादगी को सलाम किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम भारत की राजनीति के संत थे
डॉक्टर कलाम ने अपनी जिंदगी देश के नाम कर दी। हिंदुस्तान की अवाम उन्हें कभी नहीं भूल पाएगी- कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
मोदी सरकार ने अपनी राष्ट्रीय आविष्कार योजना कलाम को समर्पित करने का फैसला किया है। इस योजना में एपीजे अब्दुल कलाम राष्ट्रीय अविष्कार योजना के नाम से जाना जाएगा। एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी ने कहा कि कलाम इस योजना के साथ शुरू से ही जुड़े थे।
डा. कलाम को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरे दिन लोगों की कतार लगी रही। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, आडवाणी समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने कलाम को आखिरी सलाम किया। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी कलाम को श्रद्धांजलि दी।
हम उन्हें होश में लाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाब न हो सके
IIM से बेतानी अस्पताल ले जाए जाने के कुछ ही समय बाद मेघायल के मुख्य सचिव पी.बी.ओ. वर्जरी ने बताया, "कलाम नहीं रहे।" बेतानी अस्पताल के निदेशक जॉन सैलो ने आईएएनएस से कहा, "पूर्व राष्ट्रपति लगभग मृत अवस्था में हमारे अस्पताल लाए गए। हम उन्हें होश में लाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कामयाब न हो सके। लगता है, भाषण देते समय मिसाइल मैन को हृदयाघात (हार्टअटैक) हुआ।"
इसके साथ ही रामेश्वरम से शुरू हुई उनकी गौरवशाली जीवनयात्रा का शिलांग में आकस्मिक अंत हो गया। भारत सरकार ने सात दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
अगली स्लाइड में पढ़- डा. कलाम लोकप्रियता का आलम यह था कि 18 जुलाई, 2002 को 90 प्रतिशत बहुमत से उन्हें देश के सर्वोच्च पद के लिए चुना गया था।
Latest India News