नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने जासूसी मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की पुलिस हिरासत सोमवार को सात दिन के लिए बढ़ा दी। शर्मा को सरकारी गोपनीयता कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पवन सिंह राजावत ने उनके दो सहयोगियों (एक चीनी महिला और एक नेपाली नागरिक) की पुलिस हिरासत भी सात दिन के लिए बढ़ा दी।
आरोपियों को पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने पर अदालत में पेश किया गया था और पुलिस ने उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। पुलिस ने बताया कि उन लोगों का एक-दूसरे से आमना-सामना कराए जाने की जरूरत है। शर्मा को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, मुखौटा कंपनियों के जरिए उन्हें बड़ी रकम का भुगतान करने के मामले में चीनी महिला और उसके नेपाली सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। चीनी महिला वसंत कुंज में रहती थी और उसने अपना ऑफिस महिपालपुर में बनाया हुआ था।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने कहा कि शर्मा के पास से रक्षा से संबंधित खुफिया दस्तावेज मिले हैं। राजीव शर्मा सीधे चीनी इंटेलिजेंस के अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में था और डोकलाम से गलवान घाटी तक की डिफेंस से संबंधित खुफिया जानकारियां इन अधिकारियों तक सीधा पहुंचा रहा था।
पुलिस के अनुसार, इसी महिला ने शेल कंपनी के जरिए कई बार इन खुफिया जानकारियों के बदले मोटा अमाउंट राजीव शर्मा तक पहुंचाया। राजीव शर्मा दिल्ली के पीतमपुरा के निवासी है और एक फ्रीलांस जर्नलिस्ट है।
बताया जा रहा है कि शर्मा यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया, द ट्रिब्यून, फ्री प्रेस जर्नल, साकाल और अन्य तमाम अखबारों और मीडिया संस्थानों के लिए काम कर चुका है। लेकिन, फिलहाल वह फ्रीलांस जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहा था। अब चीन को खूफिया जानकारी मुहैया कराने के मामले में शर्मा का नाम चर्चा में है।
Latest India News