मुम्बई: टीवी अभिनेता गजेन्द्र चौहान को एफटीआईआई अध्यक्ष पद से हटाने की मांग पर अड़े संस्थान के छात्रों की सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ यहां हुई बैठक में गतिरोध दूर नहीं हो सका लेकिन दोनों पक्षों में छह अक्टूबर को नई दिल्ली में फिर बैठक होने पर सहमति बनी। करीब चार घंटे चली वार्ता के दौरान छात्र अपनी मुख्य मांग पर अड़े रहे कि चौहान की अध्यक्षता वाले पुणे स्थित फिल्म और टेलीविजन संस्थान को भंग कर दिया जाए। चौहान भाजपा के सदस्य भी हैं। मंत्रालय की टीम का प्रतिनिधित्व संयुक्त सचिव के. संजय मूर्ति, उप सचिव दीपक कुमार और फिल्म डिवीजन के निदेशक मुकेश शर्मा ने किया।
एफटीआईआई छात्र संगठन के प्रवक्ता विकास उर्स ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, दो दिन पहले हुई हमारी बैठक के क्रम में ही यह भी बैठक थी। हमने दिल्ली में मंगलवार छह (अक्टूबर) को सूचना प्रसारण विभाग के सचिव के साथ भी बैठक जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि बैठक में छात्र वर्तमान एफटीआईआई सोसायटी को भंग करने की अपनी मुख्य मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा, हमने उनसे वर्तमान एफटीआईआई सोसायटी को भंग करने को कहा और विशेषज्ञों की समिति द्वारा गठित पारदर्शी प्रक्रिया बनाने को कहा जो नई सोसायटी बनाने के लिए नियम और दिशानिर्देश बनाएगी। जब तक ऐसा होता है, हम चाहते हैं कि वर्तमान सोसायटी को निष्कि्रय किया जाए या भंग कर दिया जाए। उनकी मांगों पर सूचना प्रसारण अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बारे में उर्स ने कहा कि वे अधिकारियों को मुद्दा समझने में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे अब भी हमारी मांगें समझने का प्रयास कर रहे हैं और हम उन्हें मुद्दा समझाने में मदद कर रहे हैं। दोनों पक्ष एक दूसरे को मुद्दा समझाने में लगे हैं और ज्यादा स्पष्टता चाहते हैं ताकि गतिरोध को दूर करने की प्रक्रिया का गठन हो सके।
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