पुणे: भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के आंदोलनरत छात्रों ने सरकार द्वारा 29 सितंबर को मुंबई में निर्धारित एक बैठक में उनके मुद्दों के हल के उद्देश्य से बातचीत के लिए बुलाने के न्यौते के जवाब में आज 18 दिनों से चली आ रही अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली। संस्थान के प्रमुख पद पर अभिनेता गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एफटीआईआई छात्र संघ (एफएसए) के प्रतिनिधि रंजीत नायर ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत को सुविधाजनक बनाने के लिए भूख हड़ताल वापस ली जा रही है। छात्रों ने कल कहा था कि अगर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय बातचीत के लिए तारीख और स्थल की पुष्टि करता है तो वे बातचीत का रास्ता साफ करने के लिए अपनी भूख हड़ताल वापस लेने को तैयार हैं।
नायर ने कहा, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने हमारे पत्र का जवाब देते हुए 28 तारीख को मुंबई में फिल्म्स डिवीजन में बैठक निर्धारित की। गौरतलब है कि छात्र संघ ने कल मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि अगर मंत्रालय बातचीत के लिए तारीख निर्धारित करता है तो वे भूख हड़ताल वापस लेने के लिए तैयार है। नायर ने हालांकि साफ किया कि तीन-तीन छात्रों के जत्थे में की जा रही क्रमिक भूख हड़ताल वापस ली जा रही है लेकिन कक्षाओं के बहिष्कार के साथ गत 12 जून को शुरू हुई आम हड़ताल प्रस्तावित बातचीत के दौरान उनके मुद्दों का हल निकलने तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्र संघ का एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुंबई में मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत में हिस्सा लेगा।
फिल्मी हस्तियों और पूर्व छात्रों द्वारा समर्थित छात्र संघ ने देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म प्रशिक्षण संस्थान का नेतृत्व करने के लिए चौहान की योग्यताओं पर सवाल उठाया है। चौहान को लोकप्रिय टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाने के लिए जाना जाता है। छात्र सरकार संचालित संस्थान के प्रमुख के पद से चौहान को हटाने के साथ एफटीआईआई सोसाइटी से कुछ दूसरे सदस्यों को भी हटाने की मांग कर रहे हैं।
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