गया: उरी हमले में शहीद हुए एसके विद्यार्थी की तीन पुत्रियों ने असाधारण धैर्य और आत्मसंयम का उदाहरण पेश करते हुए अपने पिता से किए वायदे को पूरा करने के लिए परीक्षा में शामिल हुईं। स्कूली पोशाक पहने एस के विद्यार्थी की तीन पुत्रियां बड़ी आरती कक्षा आठवीं, अंशु कक्षा छठवीं और सबसे छोटी अंशिका कक्षा दो की छात्रा कल परीक्षा में शामिल हुईं।
डीएवी सोसायटी करेगी बच्चियों की मदद
डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य एके जना ने आज बताया कि पिता को खोने के कारण आंखों में आंसू जारी रहने के बावजूद तीनों बहनों ने परीक्षा में लिखा। डीएवी पब्लिक स्कूल के गया जोन के निदेशक यूएस प्रसाद ने कहा कि डीएवी सोसायटी इन तीनों बच्चियों को अध्ययन करने में हरसंभव सहयोग करेगी और एक अभिभावक ने इन तीन बच्चियों की पढाई का खर्च का जिम्मा उठाने के लिए उनसे आज ही संपर्क साधा है।
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‘पापा के सपनों को साकार करना है’
आरती ने बताया कि उसकी अपने पिता से अंतिम मुलाकात गत अगस्त में उस समय हुई थी जब वह घर आए थे और उन्होंने अध्ययन में बेहतर करने के लिए हौसला बढाया था। सिसकते हुए उसने कहा कि वह अपने पिता के सपनों को साकार करेगी।
आरती की दो अन्य छोटी बहनों ने भी बेहतर पढाई को लेकर अपने पिता से किए गए वायदे और उसके प्रति संकल्पित होने की बात कही। बिहार रेजिमेंट के शहीद जवान एस के विद्यार्थी गया जिले के बुकनारी गांव के निवासी हैं। उनके परिवार में पत्नी, तीन पुत्रियां और दो वर्षीय पुत्र है।
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