नई दिल्ली: बोलने और सुनने में लाचार गीता की वतन (भारत) पर सुषमा स्वराज समेत भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उस फाउंडेशन के लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिनके साथ गीता भारत आई है। पीएम मोदी ने कहा कि फाउंडेशन के लोग बधाई के पात्र हैं और हम उन्हें 1 करोड़ का डोनेशन देंगे।
गीता के माता पिता पर संशय बरकरार-
वहीं गीता के माता पिता पर अब भी संशय बरकरार है। अलग-अलग राज्यों के चार लोगों ने गीता को अपनी बेटी बताया है। लेकिन गीता ने ऐसे ही दावा करने वाले महतो परिवार को पहचानने से इनकार कर दिया है। अब केंद्र सरकार गीता के डीएनए टेस्ट के जरिए उनके असली माता-पिता की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
विदेश मंत्री ने क्या कहा-
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वो हिंदुस्तान की बेटी का हिंदुस्तान की जमीन पर स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे लिए यादगार है कि गीता भारत लौट आई है। शुषमा ने ईधी फाउंडेशन का भी तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।
पाकिस्तान से 14 साल बाद अपने वतन लौटी गीता ने महतो परिवार को पहचानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि अब डीएनए टेस्ट के बाद ही कोई फैसला होगा।
बता दें कि बिहार के महतो परिवार ने दावा किया था कि गीता उनकी बेटी है। चूंकि वह मूक और बधिर है और अपने परिवार को पहचानने में असमर्थ है, इसलिए उसका डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक यह टेस्ट जल्द हो इसके लिए बिहार के महतो परिवार को पहले ही दिल्ली बुलाया गया था।
सोमवार को गीता पाकिस्तान से भारत पहुंच गई है। साल 2003 में जब वह गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गई थी तो उस समय उसकी उम्र लगभग 11 वर्ष थी और आज उसकी उम्र 23 साल के आसपास है। लाहौर में पाकिस्तान रेंजर्स ने गीता को देखा था और उन्होंने उसे एदी फाउंडेशन को सौंप दिया था, जिसने अब तक उसकी देखभाल की। इस फाउंडेशन के संचालक बिलकिस एदी ने उसका नाम गीता रखा था।
पाकिस्तान एयरलाइंस की उड़ान संख्या 272 से जब गीता सोमवार को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी तो यहां उसकी अगवानी के लिए भारत और पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी मौजूद थे।
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