नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्मचारियों को राहत देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर कर लगाने का प्रस्ताव वापस लेने की मांगों का गुरुवार को समर्थन किया। राहुल ने काला धन के मुद्दे पर बजट में किए गए प्रस्ताव को एक बार फिर फेयर एंड लवली योजना करार देते हुए कहा कि इस योजना से चोरों को राहत नहीं दी जानी चाहिए। राहुल ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, ईपीएफ कर्मचारियों के लिए सुरक्षा जाल की तरह है और इस पर कर लगाना गलत है।
राहुल ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री से यह ऐलान करने की अपील करूंगा...कि कर प्रस्ताव वापस लिया जाए। मोदी को यह प्रस्ताव वापस लेकर कर्मचारियों और वोटरों में विश्वास पैदा करना चाहिए।’ काले धन पर प्रस्तावित एकल खिड़की निपटारा योजना, जिसकी घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने केंद्रीय बजट में की थी पर एक बार फिर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि राहत कर्मचारियों को मिलनी चाहिए, चोरों को नहीं।
राहुल ने कहा, मैंने कहा था कि आपने (मोदी जी ने) चोरों को फेयर एंड लवली योजना दी है। (इसकी बजाय) हमारे वोटरों और कर्मचारियों को राहत मिलनी चाहिए। काले धन के मुद्दे से निपटने के लिए बजट में घोषित योजना को फेयर एंड लवली योजना करार देते हुए राहुल ने कल कहा था कि यह और कुछ नहीं बल्कि काले धन को सफेद करने का कदम है। साल 2016-17 के बजट भाषण में प्रस्ताव किया गया था कि इस साल एक अप्रैल के बाद ईपीएफ में किए गए अंशदान की 60 फीसदी राशि निकालते वक्त उस पर कर लगेगा।
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