नई दिल्ली: गुजरात हाईकोर्ट ने एक बलात्कार पीड़िता की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसके पिता ने अपनी 14 साल की बेटी के गर्भपात की इजाजत मांगी थी।
गुजरात हाईकोर्ट की जज अभिलाषा कुमारी ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा कि देश का मौजूदा कानून 20 हफ्ते बाद गर्भपात की इजाजत नहीं देता है और पीड़िता का गर्भ 24 हफ्ते का है लिहाजा उसके पिता की याचिका को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। हालांकि उन्होंने साबरकांठा के जिला प्रशासन को यह आदेश दिया है कि वो पीड़िता को देखभाल के लिए एक लाख रुपए का मुआवजा दें। आपको बता दें कि साबरकांठा के हिम्मतनगर में रहने वाले पीड़िता के पिता ने इंसाफ के लिए पिछले सप्ताह गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पीड़िता के आरोप के मुताबिक पीड़िता ने एक डॉक्टर पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था। उसने बताया था कि वो बुखार की दवा लेने के लिए डॉक्टर के पास गई थी, लेकिन डॉक्टर ने उसे नशीली दवा का इंजेक्शन लगाकर बलात्कार किया था।
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