नई दिल्ली: उधमपुर में बीते दिनों बीएसएफ के एक काफिले पर हमला करने के बाद जिंदा पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब सनसनीखेज खुलासा करते हुये बताया कि हमले में मारा गया साथी नोमिन मुंबई के 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का निजी सुरक्षा गार्ड था।
नावेद ने नोमिन के साथ 12 दिन पहले जम्मू क्षेत्र में आने की सूत्रों के अनुसार, नावेद ने कबूल किया है कि भारत आने से पहले उसकी जिहाद और लड़ाई की ट्रेनिंग पाकिस्तान के मनसेरा स्थित लश्कर के कैंप में हुई है।
यह वही कैंप है, जहां 2008 में मुंबई पर हमला करने वाले अजमल कसाब की ट्रेनिंग हुई थी। नावेद ने 21 दिन की ट्रेनिंग में स्वचालित हथियार चलाना व बारूदी सुरंग बिछाना सीखा। हाफिज के बेटे तल्ला हाफिज ने जिहाद का पाठ भी पढ़ाया था।
नावेद ने यह भी बताया कि बीएसएफ पर हमला करने से पहले वह अपने साथियों के साथ 45 दिनों तक जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर रहा और घूमा था। कश्मीर में उसकी मदद करने वाले लोगों में न सिर्फ लश्कर के ऑपरेटिव्स शामिल थे, बल्कि अवंतीपुरा में चुसरू के स्थानीय निवासी, दुकानदार और व्यापारी भी उसकी मदद कर रहे थे।
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