बारिश का कहर: असम और बिहार बाढ़ से परेशान, बारिश से जूझ रहा देश का IT हब
पानी सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाता कहर भी बरपाता है इस ज्वलंत उदाहरण बिहार, असम, दिल्ली और बैंगलोर के लोग देख रहे हैं।

नई दिल्ली: कहते हैं कि पानी अपना रास्ता खुद तय करता है..फिर चाहें इसे नहरों और नदियों से निकलकर सड़कों से होते हुए बस्तियों तक का सफर ही क्यों न तय करना पड़े। पानी सिर्फ प्यास ही नहीं बुझाता कहर भी बरपाता है इस ज्वलंत उदाहरण बिहार, असम, दिल्ली और बैंगलोर के लोग देख रहे हैं। पानी रुकता नहीं है, लेकिन जब कोई इसे रोकने/ थामने की कोशिश करता है तो फिर यह तांडव करने लगता है। हाल ही में बीते दो दिन की बारिश ने देश की हाइटेक सिटी गुरुग्राम की कलई खोल दी...लोग दो दिन गाड़ियों में कैद रहे....क्या बच्चे, क्या बूढे और महिलाएं....सब पानी के सैलाब के बीच फंसी अपनी गाड़ियों के भीतर बस यह दुआ करते रहे कि भगवान जल्द से जल्द ये पानी हटे..जाम खुले और वो अपने घर पहुंच सकें। करीब करीब ऐसे ही हालात दिल्ली में भी दो दिन से देखने को मिल रहे हैं। ऑफिस जाने वाले लोग बारिश के कारण ही समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। पूरा का पूरा सरकारी अमला इन दिनों इस पानी के कहर से लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने में जी-जान से जुटा है।
राजनाथ असम पहुंचे, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए शनिवार को यहां पहुंच गए। उन्होंने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया, "गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और (डोनियर मंत्री) जितेंद्र सिंह भी हैं, जो असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं।"
राजनाथ मोरीगांव जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए भगतगांव शिविर का भी दौरा करेंगे और दिल्ली लौटने से पहले सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। एचएमओ ने अन्य ट्वीट में कहा, "वह नागौन, मोरीगांव और काजीरंगा का सर्वेक्षण करेंगे और मोरीगांव जिले के भटगांव शिविर में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे।" राज्य के 21 जिलों में बाढ़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई और 17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
बारिश से दिल्ली-NCR का बुरा हाल:
दिल्ली एनसीआर में आज भी बारिश लोगों को काफी परेशान कर रही है। बीते दिन दिल्ली के सैटेलाइट सिटी गुड़गांव में मूसलाधार बारिश की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर कई जगहों पर जल जमाव हो गया और भीषण जाम लग गया। जाम की वजह से हजारों लोग घंटों फंसे रहे और इस स्थिति को दूर करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई। गुड़गांव में स्कूलों को भी बंद करने के आदेश दिए गए। आलम यह रहा कि करीब दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेस वे पर करीब डेढ़ दिन के बाद जाम खुल सका और रात भर जाम खुलने की राह तक रहे लोग करीब दो दिन बाद अपने घर पहुंच सके।
यूपी में भी बारिश से हालात खराब:
यूपी के सीतापुर में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। सड़कों और गांवों में पानी भर चुका है। यूपी का पचीसा गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुका है।
राजस्थान के हालात भी खराब:
कई दिनों से हो रह लगातार बारिश के कारण राजस्थान के हालात भी ठीक नहीं हैं। जोधपुर की सड़कों पर काफी ज्यादा पानी भरा हुआ है जिससे लोगों को आने-जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार बाढ़ से परेशान:
भारी बारिश के कारण बिहार के कुछ जिलों और गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बिहार के कटिहार में बाढ़ से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सेना बचाव कार्य में मुस्तैदी से लगी हुई है। बारिश के कारण आई बाढ़ के कारण बिहार के गोपालगंज इलाके में बारिश का पानी लोगों के घरों तक में घुस चुका है। बिहार में बाढ़ की वजह से 10 जिलों के करीब 22 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कोसी सहित कई नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। उनके अनुसार, राज्य में करीब 26 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ का कहर असम में भी जारी है।
बारिश से परेशान हुआ देश का आईटी हब:
बैंगलोर में भी बारिश ने लोगों की मुसीबत बढ़ा रखी है। यहां की तमाम कालोनियों में 4 से 5 फुट तक भरा पानी भर चुका है और लोग अपने-अपने घरों में फंसे हुए हैं। वहीं बीमार और बुजुर्गों को बाहर निकालने के लिए SDRF की टीम तैनात की गई है। इतना ही नहीं बैंगलोर में घरों में फंसे लोगों को प्रशासन भी मदद पहुंचा रहा है और दूध के पैकेट उपलब्ध करवा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बैंगलोर में बाढ़ के बाद नालों का पानी सड़कों पर आ चुका है। कुछ लोग यहां पर पानी में मछलियां पकड़ते तक नजर आए।