नई दिल्ली: चुनावी मौसम में अल्पसंख्यकों को लेकर राजनीति करना आम होता है। तमाम पार्टियां धर्म विशेष को लेकर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास करती हैं। देश की तमाम पार्टियां हिंदुओं को लामबंध और अल्पसंख्यकों को साथ लाने की बड़ी बड़ी बातें करती हैं। आमतौर पर हिंदुस्तान में हिंदू समुदाय को बहुसंख्यक माना जाता है लेकिन साल 2011 के जनगणना आंकड़े आपको थोड़ा चौंका सकते हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जनगणना-2011 के अनुसार मिजोरम, नगालैंड, मेघालय, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब, मणिपुर और लक्षद्वीप में हिंदू समुदाय अब अल्पसंख्यक है।
देश में 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदुओं की संख्या में कमी आई है जबकि मुस्लिम समुदाय की आबादी में 0.8 फीसदी की ग्रोथ हुई है। सरकार ने आज धार्मिक आधार पर आबादी के आंकड़ें जारी कर दिए है। रजिस्ट्रार जनरल एंड सेन्सस कमिश्नर ने आकड़ें जारी किए हैं,जो 2001 से 2011 के बीच के आकड़ें है।
जनगणना में क्या आया सामने-
हिंदुओं की आबादी में 0.7 फीसदी की कमी:
भारत में हिंदुओं समुदाय की आबादी में 2001 से 2011 के बीच 0.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। हिंदु कुल आबादी का 79.8 फीसदी हैं। दूसरी तरफ सिख समुदाय में भी 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। सिख कुल आबादी का 1.7 फीसदी है। ग्रोथ रेट के मामलें में हिंदू समुदाय 16.8 है।
धर्म के आधार पर जनसंख्या के आकड़ें जारी, हिंदुओं की आबादी घटी:
देश में 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदुओं की संख्या में कमी आई है जबकि मुस्लिम समुदाय की आबादी में 0.8 फीसदी की ग्रोथ हुई है। सरकार ने आज धार्मिक आधार पर आबादी के आंकड़ें जारी कर दिए है। रजिस्ट्रार जनरल एंड सेन्सस कमिश्नर ने आकड़ें जारी किए हैं,जो 2001 से 2011 के बीच के आकड़ें है।
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