देहरादून: उत्तराखंड के जंगलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा चुकी आग को बुझाने के लिए एक झील से पानी लेकर प्रभावित इलाकों पर पानी की बौछार करने के लिए भारतीय वायुसेना के एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने नैनीताल जिले में कई छोटी उड़ानें भरी। बहरहाल, ठीक से दिखाई न देने की वजह से पौड़ी में हवाई अभियानों के लिए दूसरे हेलीकॉप्टर को तैनात नहीं किया जा सका। आग पर काबू पाने की कोशिशों के तहत हवाई अभियानों की शुरूआत रविवार को की गई है।
जंगलों में लगी इस भयावह आग में अब तक सात लोग मारे जा चुके हैं जबकि 2,269 हेक्टेयर वन भूमि तबाह हो चुकी है। यह आग सुदूर पर्वतीय इलाकों तक भी पहुंच गई है जहां आबादी कम है। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हालात की समीक्षा की और उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने राज्य सरकार को केंद्र से सभी सहायता की पेशकश की।
जंगलों में लगी आग से निपटने के केंद्र के तौर-तरीकों पर कांग्रेस की ओर से किए गए हमले के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार घटना को काफी गंभीरता से ले रही है और इस पर काबू पाने की सारी कोशिशें कर रही है। जावड़ेकर ने कहा, सरकार उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को काफी गंभीरता से ले रही है। इससे मुकाबले के लिए 6,000 लोगों को तैनात किया गया है। हमने कल राज्य
सरकार को पांच करोड़ रुपए का अनुदान भी दिया है। केंद्र पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, एक तरफ मोदी सरकार एक शांतिपूर्ण राज्य में राजनीतिक संकट पैदा कर रही है, दूसरी तरफ यह एक बड़ी पर्यावरणीय त्रासदी से निपटने में बुरी तरह नाकाम रही है।
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