नई दिल्ली: एक विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपी और कंपनी मामलों के मंत्रालय में महानिदेशक के पद पर कार्यरत बी.के. बंसल को उसकी पत्नी और बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आज दो दिन की जमानत दे दी। इस अधिकारी की पत्नी और बेटी ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी।
विशेष जज गुरदीप CBI सिंह ने बंसल को 22 जुलाई तक राहत दी और कहा कि कल की घटना (आत्महत्या) के बाद यह जांच एजेंसी के लिए पुनर्विचार करने का समय है कि क्या ऐसे मामलों में आरोपी को गिरफ्तार करना आवश्यक है।
इससे पूर्व सीबीआई रिश्वत लेने के आरोपी में गिरफ्तारी नहीं किया करती थी, जज
जज ने कहा, ये हत्या जैसे परंपरागत अपराध नहीं हैं। इससे पूर्व, सीबीआई ऐसे मामलों में गिरफ्तारी नहीं किया करती थी। प्रमाण ज्यादातर दस्तावेजी प्रकृति के होते हैं। अदालत ने बंसल की पैरवी कर रहे अधिवक्ता उमाकांत कटारिया की अर्जी स्वीकार कर ली जिसमें कहा गया था कि उनके मुवक्किल की पत्नी और बेटी के अंतिम संस्कार के लिए उनकी उपस्थिति जरूरी है और उनका खुद का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि बंसल की पत्नी सत्यबाला और बेटी नेहा ने कल पूर्वी दिल्ली के मधु विहार में नीलकंठ अपार्टमेंट स्थित अपने आवास में दो अलग-अलग कमरों में कथित रूप से पंखों से लटकर आत्महत्या कर ली।
दोनों महिलाओं ने अलग-अलग स्युसाइड नोट्स छोड़े जिसमें कहा गया है कि सीबीआई के छापे से उनकी भारी बेइज्जती हुई और इसके बाद अब वे जीवित नहीं रहना चाहतीं। हालांकि उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
Latest India News