ऐसे संकेत मिले हैं कि अगले साल से इंडियन इंस्टीट्यट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT) की प्रवेश परीक्षा में बदलाव किए जा सकते हैं। बदलाव पर ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड ने अपनी सहमति भी दे दी है और संभवत: अगले महीने होने वाली बैठक में बोर्ड के फ़ैसले पर मोहर भी लग जाए।
बोर्ड चाहता है कि IIT में प्रवेश के लिए एकल प्रवेश परीक्षा (सिंगल एंट्रेंस एग्ज़ाम) और काउंसलिंग हो। फिलहाल दो परीक्षाएं और छह दौर में काउंसलिंग होती है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा (ज्वाइंट एंट्रेंस एग्ज़ाम) एडवांस से पहले संयुक्त प्रवेश परीक्षा की मुख्य परीक्षा होती है। इसमें सफल रहने वाले दो लाख छात्र ही फिर एडवांस की परीक्षा देते हैं। इसमें सफल होने वाले दल हज़ार छात्र-छात्राओं को IIT में प्रवेश मिलता है। कम अंक पाने वाले छात्रों को NIT, ट्रिपल IT और GFT में प्रवेश मिल जाता है।
अब इन संस्थानों में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाने की बात चल रही है। इस सिलसिले में सोमवार को गुवाहाटी में बोर्ड की बैठक हुई। अगले महीने सितंबर में बैठक में प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया को अंतिम रुप दे दिया जाएगा।
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