नई दिल्ली: भारत ने 2015 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिहाज से शीर्ष गंतव्य के रूप में चीन को पछाड़ दिया। आलोच्य साल में भारत को 63 अरब डालर मूल्य की एफडीआई परियोजनाएं मिलीं। फाइनेंशियल टाइम्स की इकाई एफडीआई इंटेलिजेंस ने अपनी रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला है। इसके अनुसार, 2015 में पूंजी निवेश के लिहाज से भारत सबसे शीर्ष श्रेणी (रैंक्ड) देश रहा, इस दौरान 63 अरब डालर मूल्य की एफडीआई परियोजनाओं की घोषणा हुई। इस दौरान परियोजनाओं की संख्या भी आठ प्रतिशत बढ़कर 697 हो गई।
रिपोर्ट में कहा गया है, पूंजी निवेश के हिसाब से एफडीआई के लिए शीर्ष गंतव्य के रूप में भारत ने चीन की जगह ले ली है। वर्ष 2015 में फाक्सकान व सनएडिसन सहित अनेक कंपनियों ने भारत में निवेश की घोषणा की।
रिपोर्ट में कहा गया है, "लंबे समय तक चीन से पीछे रहने के बाद भारत अब वैश्विक विकास की एक बड़ी गाथा है।" एफडीआई पत्रिका की प्रधान संपादक कोर्टनी फिंगर ने कहा कि इस गति को बरकरार रखना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। फिंगर ने कहा, "लेकिन पिछले वर्ष की बड़ी एफडीआई गाथा निश्चित रूप से भारत है।"
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