नई दिल्ली: भारत ने शराब कारोबारी विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है जिनकी एयरलाइन किंगफिशर पर 9,400 करोड़ रूपये के रिण की अदायगी में चूक करने का आरोप है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कारण बताओ नोटिस के जवाब में विजय माल्या द्वारा दिए गए उत्तर पर, प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पेश तथ्यों पर और मुंबई के विशेष न्यायाधीश द्वारा पीएमएलए कानून 2002 के तहत जारी गैर जमानती वारंट पर विचार करते हुए विदेश मंत्रालय ने विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है।
माल्या के प्रत्यर्पण के लिए मंत्रालय कानूनी विशेषग्यों से राय भी ले रहा है। माल्या पर धन शोधन तथा अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। 60 वर्षीय उद्योगपति माल्या का कूटनीतिक पासपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय की सिफारिश पर विदेश मंत्रालय ने 15 अप्रैल को निलंबित कर दिया था । समझा जाता है कि बीते एक माह से अधिक समय से माल्या ब्रिटेन में हैं और प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने से उन्होंने इंकार कर दिया है।
माल्या दो अंतिम प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश मंत्रालय से 900 करोड़ रूपये के IDBI रिण की धोखाधड़ी के मामले में धन शोधन के आरोपी शराब कारोबारी माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था।
सूत्र पहले ही संकेत दे चुके हैं कि एक बार प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो जाने पर सरकार माल्या को पकड़ने और उन्हें वापस भारत लाने के लिए ब्रिटेन से सहायता मांगेगी। उन्होंने बताया प्रत्यर्पण के दो मुख्यत: आधार हैं। एक तो मुंबई की अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट और दूसरा उनका पासपोर्ट निलंबित किया जाना। माल्या 2 मार्च को भारत छोड़ कर जा चुके हैं।
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