नई दिल्ली: 67वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज राजपथ दुल्हन की तरह सजा था, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से तिरंगा फहराया और उसके बाद सैनिकों की टुकड़ियों और झांकियों का जो सिलसिला शुरु हुआ उसने सबका दिल जीत लिया। इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद भारत की सांस्कृतिक विरासत के कायल हो गए।
गणतंत्र दिवस के मौके पर आज पहली बार 120 महिला जवानों का वूमेन डेयरडेविल्स दस्ते ने दिल जीत लिया। पहली बार परेड में विदेशी जवानों का दस्ता देखने को मिला। फ्रांस के दस्ते ने परेड की अगुवाई की। 26 साल बाद सेना का डॉग स्कावड भी परेड में शामिल हुआ। वहीं पीएम मोदी के मिशन डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और स्वच्छता मिशन की झांकी परेड में शामिल हुई।
राजपथ पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में किसी भी प्लेन के टेक ऑफ करने और लैंड करने की इजाजत नहीं दी गई थी। गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया गेट पर शहीदों को सलामी दी और राजपथ पर लोगों का अभिवादन किया।
भारतीय सांस्कृतिक विरासत के कायल हुए ओलांद
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडिया गेट पर पहुंचे और अमर जवान ज्योति पर शहीदों को नमन किया। इस मौक पर पीएम ने शानदार पगड़ी पहनी हुई थी। उसके बाद पीएम मोदी का काफिला राजपथ पर पहुंचा। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनका दूसरा गणतंत्र दिवस है। राष्ट्रपति की आगवानी करने के बाद पीएम मोदी सलामी मंच पर गये और ओलांद के साथ बैठकर परेड देखी।
ये पीएम मोदी की कूटनीतिक सफलता ही है कि पिछले साल अमेरिका और इस साल फ्रांस के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बने। ओलांद के लिए खास बुलेट प्रूफ केबिन बनाया गया। यहां से उन्होंने राजपथ पर भारत की सांस्कृतिक और सामरिक ताकत का जमकर लुत्फ उठाया। राष्ट्रपति ओलांद गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाले फ्रांस के पांचवें नेता हैं।
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