पाकिस्तान में भी हुआ था यह मामला
पाकिस्तान में सन् 1984 में ऐसी बेबी ने जन्म लिया जो कि 2008 तक जिंदा होने के प्रमाण मिले थे।
इस बीमारी का पता गर्म में भी लग सकता है पता
इस बारें में डॉक्टर्स का कहना है कि इस बेबी को जन्म देने वाली महिला का प्रेग्नेंसी के समय सोनोग्राफी नहीं कराई थी। अगर उन्होनें इसे कराया होता है तो हमें इस बीमारी के बारे में पता होता और गर्म के पानी को टेस्ट कर बीमारी पता चल जाती। हालांकि इस बीमारी से जन्मे बच्चे को कुछ साल ही विशेष देखभाल से जीवित रखा जा सकता है।
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