आसमानी जंग का ‘बिग बॉस’, राफेल के नाम से क्यों डरता है पाकिस्तान?
नई दिल्ली: दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर प्लेन राफेल बहुत जल्द भारतीय एयरफोर्स का हिस्सा बनने वाला है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और प्रधानमंत्री मोदी के बीच 36 राफेल फाइटर प्लेन की डील पक्की हो

नई दिल्ली: दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर प्लेन राफेल बहुत जल्द भारतीय एयरफोर्स का हिस्सा बनने वाला है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और प्रधानमंत्री मोदी के बीच 36 राफेल फाइटर प्लेन की डील पक्की हो गई और इसी के साथ भारत को वो सुपर फाइटर प्लेन मिलने का रास्ता साफ हो गया है जो जंग के हालात में चीन और पाकिस्तान को पानी मांगने पर मजबूर कर सकते हैं।
फाइटर 'राफेल' आएगा...पाक डर जाएगा
राफेल फाइटर प्लेन बहुत जल्द भारतीय वायु सेना में शामिल होने वाला है। आसमान का सीना चीरता हुआ ये वो लड़ाकू विमान है जिसकी गरज से दुश्मन देश पाकिस्तान का दिल दहल जाएगा। हवाई जंग का ये वो बेताज बादशाह है जो किसी भी युद्ध का अंजाम बदल सकता है। जमीन ने हवा तक और पानी से जमीन तक इस फाइटर प्लेन का कोई मुक़ाबला कर ही नहीं सकता है।
फ्रांस का ये बेहतरीन जंगी जहाज उन प्लेन्स में शामिल है जिसके हमले दुश्मन की रीढ़ तोड़ने की ताक़त रखते हैं। लंबे वक्त से नए फाइटर प्लेन के लिए तरह रही भारतीय वायु सेना के लिए राफेल का साथ किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
36 राफेल करेंगे भारत की हवाई सुरक्षा
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भारत की यात्रा पर हैं और इसी दौरान प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात में 36 फाइटर प्लेन राफेल की डील सील होने के और करीब पहुंच गई है। दोनों देशों ने इसका ऐलान भी कर दिया है कि बहुत जल्द राफेल हिंदुस्तान की एयरफोर्स का हिस्सा होकर दुश्मनों पर कहर बरपाने के लिए तैयार हो जाएगा।
कुछ फाइनेंशियल मु्ददों को छोड़ दें तो भारत और फ्रांस के बीच इस फाइटर प्लेन राफेल की डील हो चुकी है। दरअसल फ्रांस के 36 राफेल फाइटर जेट की खरीद का सिलसिला तो साल 2007 में शुरु हुआ था लेकिन कई प्लेन्स को पीछे छोड़कर राफेल ने बाजी मारी थी लेकिन मामला अटक गया था। करीब 10 महीने पहले जब मोदी फ्रांस की यात्रा पर गए थे तो उस दौरान 36 राफेल की खरीद पर सहमति बनी थी...जो अब पूरी होने वाली है।
हिंदुस्तान की ताकत बढ़ाएगा राफेल
36 राफेल फाइटर जेट की ये पूरी डील 60 हजार करोड़ रुपये की है। राफेल प्लेन अगले 2 सालों में भारतीय वायु सेना में शामिल हो सकते हैं। दरअसल राफेल की भारत के लिए इतना अहम क्यों है ये जानना बेहद जरुरी है।
दरअसल फ्रांस का फाइटर प्लेन राफेल बेहद एडवांस तकनीक से लैस है और इसमें डबल जेट इंजन का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे बाकी लड़ाकू जहाजों से अलग बनाते हैं। ये मिग 21, मिग 27 और सुखोई 30 जैसे लड़ाकू विमानों से हर मामले में बहुत आगे है।
हेडर-राफेल के आगे सब फेल
राफेल ब्रह्मोस जैसी 6 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ले जा सकता है। एयर टू एयर, एयर टू लैंड पर अटैक के साथ एटमी हमले में सक्षम है। बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान के साथ मिसाइल दाग सकता है। 5 हजार किलोग्राम वजनी बम या मिसाइल ढोने की क्षमता है। 10 घंटे तक नॉन स्टॉप उड़ान के साथ हवा में रिफ्यूल हो सकता है। एयरबेस या फिर एयरकाफ्ट कैरियर से उड़ान भरने में सक्षम है।
भारतीय वायुसेना में राफेल के शामिल होने से हमारी हवाई ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल के आने से पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ जाएगा क्योंकि उनके पास जो फाइटर प्लेन हैं राफेल उनसे कहीं बेहतर है। फ्लाइंग रेंज के मामले में राफेल सबसे आधुनिक है।
नहीं है राफेल का मुकाबला
- राफेल एक बार में 3700 किलोमीटर की उड़ान भर सकता है।
- पाकिस्तान का जेएफ-17 महज 3400 किलोमीटर उड़ सकता है
- चीन का सुखोई-27 सिर्फ 3500 किलोमीटर की उड़ान भर सकता है
- राफेल 6 सुपरसोनिक क्रूल मिसाइल ले जा सकता है।
जबकि जेएफ 17 और सुखोई 27 सिर्फ पांच क्रूज मिसाइल से लैस हो सकते हैं तो साफ है फ्रांस के इस फाइटर प्लेन का मुकाबला करने का माद्दा दुनिया के बड़े से बड़े फाइटर प्लेन में नहीं है और सोचिए जब राफेल इंडियन एयरफोर्स में शामिल हो जाएगा तो देश की आसमानी जंगी ताकत कितनी मजबूतो हो जाएगी।
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