मोदी ने कहा, उस समय विश्व परिदृश्य अलग था। औद्योगिक क्रांति हुई थी। अब यह इंटरनेट क्रांति का समय है। समय बदल गया है लेकिन संयुक्त राष्ट्र आज भी उसी जगह पर है। भारत पिछले कुछ सालों से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता आ रहा है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं खुले में और स्पष्ट रूप से यह कह सकता हूं कि समय बदल गया है। भारत एक ऐसा देश है जिसने जमीन के लिए कभी किसी पर हमला नहीं किया। प्रथम विश्व युद्ध में, 13 लाख भारतीय सैनिकों ने भाग लिया भारत की जमीन के किसी टुकड़े की रक्षा के लिए नहीं बल्कि उन्होंने दूसरों के लिए लड़ाई लड़ी और करीब 75 हजार सैनिकों ने अपनी जान का बलिदान दिया और इसके बावजूद कोई हमारे योगदान पर ध्यान नहीं दे रहा है। हमें इसका सबूत देना पड़ेगा।
उन्होंने विश्व शांति में भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, द्वितीय विश्व युद्ध में करीब 15 लाख सैनिक दूसरे देशों के लिए लड़े, दूसरे देशों के लिए मरे। करीब 90 हजार सैनिकों ने द्वितीय विश्वयुद्ध में बलिदान दिया। मोदी ने दुनियाभर में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशनों में भारत के योगदान के बारे में बात की और जोर देकर कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष इकाई का सदस्य बनाया जाना चाहिए।
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