1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. अफगानिस्तान से अपने डिप्लोमैट्स को वापस लाएगा भारत? स्थिति पर है करीबी नजर

अफगानिस्तान से अपने डिप्लोमैट्स को वापस लाएगा भारत? स्थिति पर है करीबी नजर

अफगानिस्तान की स्थिति को देखते हुए भारत अपने राजनयिकों को वहां से वापस लाने पर विचार कर रहा है।

<p>अफगानिस्तान से अपने...- India TV Hindi
Image Source : AP अफगानिस्तान से अपने डिप्लोमैट्स को वापस लाएगा भारत? स्थिति पर है करीबी नजर

नई दिल्ली/काबुल: अफगानिस्तान की स्थिति को देखते हुए भारत अपने राजनयिकों को वहां से वापस लाने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि काबुल से राजनयिक कर्मियों की निकासी पर निर्णय लेने के लिए भारत अफगानिस्तान में तेजी से बदलती स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

129 भारतीयों को लेकर काबुल से दिल्ली के लिए रवाना हुआ विमान

भारत ने अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एयर इंडिया का एक विमान आज यात्रियों को लेकर दिल्ली लौटेगा। विमान काबुल हवाई अड्डे से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। 

सूत्रों ने बताया कि 'एयर इंडिया का विमान अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे पर है, सुरक्षा और बोर्डिंग की प्रक्रिया चल रही है। यह विमान यात्रियों को लेकर आज रात दिल्ली लौटेगी फ्लाइट।' बता दें कि काबुल से दिल्ली तक की दूसरी करीब 2 घंटे की है।

बगराम एयर बेस पर भी हुआ तालिबान का कब्जा

अफगानिस्तान की सेना ने बगराम एयर बेस पर भी तालिबान के आगे सरेंडर कर दिया है। इसके साथ ही कभी अफगानिस्तान में अमेरिका का प्रमुख एयर बेस रहे बगराम पर तालिबान का कब्जा हो गया है। खास बात यह है कि इसी एयरबेस पर बनी एक जेल में करीब 5000 कैदियों को कैद किया गया है। इन कैदियों में तालिबान के लड़ाकों के के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट के आतंकी भी शामिल हैं।

बगराम के डिस्ट्रिक्ट चीफ दरवेश रउफी ने रविवार को इस बात की पुष्टि की कि बगराम एयर बेस अब तालिबान के कब्जे में है। काबुल के बाहरी इलाकों में तालिबान के पहुंचने की खबर के साथ ही अफगान सेना ने इस एयर बेस पर भी सरेंडर कर दिया। 

बता दें कि तालिबान के लड़ाकों ने राजधानी काबुल में रविवार को प्रवेश कर लिया। चरमपंथियों की देश पर मजबूत होती पकड़ के बीच, घबराए सरकारी कर्मचारी दफ्तरों को छोड़कर भाग निकले। इसी दौरान अमेरिकी दूतावास पर हेलीकॉप्टर आ गए हैं। तालिबान के लड़ाकों ने काबुल से पहले जलालाबाद पर कब्जा किया था।

इस बीच अफगानिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि तालिबान के वार्ताकार सत्ता के ‘हस्तांतरण’ की तैयारी के लिए राष्ट्रपति के आवास पहुंचे। अफगान सरकार और तालिबान के बीच हस्तांतरण पर बातचीत हो रही है। 

एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर रविवार को बताया कि इस मुलाकात का उद्देश्य तालिबान को शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता सौंपना है। तालिबान ने कहा कि उनकी ताकत के बल पर सत्ता लेने की योजना नहीं है। 

अफगानिस्तान के 3 अधिकारियों ने बताया कि तालिबान ने राजधानी काबुल के बाहरी इलाकों में रविवार को प्रवेश कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि तालिबान के लड़ाके कलाकान, काराबाग और पघमान जिलों में मौजूद हैं।

Latest India News