3. 1987 में श्रीलंका में लिट्टे के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए श्रीलंका सरकार को भारतीय सेना का सहारा लेना पड़ा। LTTE चीफ प्रभाकरण के आतंक का सफाया करने के लिए भरत ने अपने शांति रक्षा बलों के 50 हजार जवानों को श्रीलंका के जाफना में उतारा। इसको ऑपरेशन पवन नाम दिया गया। इस लड़ाई में भारतीय सेना के 1200 जवान शहीद हुए थे।
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